Monday, February 25, 2013

संभावनाओं से लबरेज़ जीवन



संभावनाओं से लबरेज़ जीवन हरेक को लुभाता है
तुम बसंत के आम्रव्रक्ष बन जाते हो,और
हर आमोख़ास तुम पर निगाह गढ़ाता है
पिछली उपलब्धियों के आधार पर दूसरों को तौला जाता है
इस मौसम में कितना फलोगे
अनुमान लगाया जाता है
तुम्हारे बौराते ही जग ख़ुश हो जाता है
तुम्हारा बौराना बसंत को रितुराज बनाता
हवाओं को महकाता-मदमाता है
माह में घोलता है मधु, मधुमास बनाता है
फल की आस हरेक को है
इसीलिए,
फलदार पेड़ एक उम्मीद जगाता है
तुम एक उम्मीद हो-बस याद रहे-
तुमही से दुनिया है,गति है, जीवन है,इसका बनना-बनाना है
(यह न सोचते बैठ जाना कि
फल में ख़ुशबू-रंग-स्वाद भरने में
जड़ों को कितना गहरे,अँधेरे में जाना है
कितनी ग़ुमनामी,तनहाई,ख़ला में खो जाना है)


No comments:

Post a Comment

मेरा काव्य संग्रह

मेरा काव्य संग्रह

Blog Archive

Text selection Lock by Hindi Blog Tips

about me

My photo
मुझे फूलों से प्यार है, तितलियों, रंगों, हरियाली और इन शॉर्ट उस सब से प्यार है जिसे हम प्रकृति कहते हैं।