Monday, January 30, 2012

मुझे मुहब्बत है तुमसे...

कई बार रात-बिरात
नींद खुल जाती है
देर तलक कोशिश
करुँ सोने की,
नींद नहीं आती है
यक-ब-यक
रोशन हो जाता है
दिमाग़
घुप्प अँधेरे कमरे में
जैसे, रोशनी की एक
किरण आती है...
तनहाई और उनींदेपन में
एक कविता उतर आती है
रात गुलज़ार हो जाती है
.............................
यह अलहदा है कि
अक्सर सुबह वह
-   बहुत सोचने पर भी –
याद नहीं आती है
.......................
मैं आश्वस्त हो जाता हूँ
मुझे मुहब्बत है तुमसे
क्योंकि, अब भी उनींदी रातों में
कविता ही मुझ तक आती है...


3 comments:

मेरा काव्य संग्रह

मेरा काव्य संग्रह

Blog Archive

Text selection Lock by Hindi Blog Tips

about me

My photo
मुझे फूलों से प्यार है, तितलियों, रंगों, हरियाली और इन शॉर्ट उस सब से प्यार है जिसे हम प्रकृति कहते हैं।