Friday, December 25, 2009

गोवाः विश्व-गीत




समुद्र भी है
पहाड़ भी
टीला भी है
कछार भी
जंगल भी है
रेत का विस्तार भी
कोई कश्मीर से
कोई लद्दाख से
कोई गुजरात से
कोई महाराष्ट्र से
कोई केरल से
कोई हरिद्वार से
कोई नैनीताल से
कोई राजस्थान से
कोई रूमानिया
कोई फ्रांस से
कोई जर्मनी
कोई जापान से
कोई इटली
कोई इजराइल से
कोई अमेरिका
कोई ब्रिटेन से
कोई क्यूबा
कोई थाईलैंड से
गोवा में आकर
लगता है ऐसे
ग्लोबल बस्ती में
आ गए हों जैसे
गोवा दुनिया का
विश्व गीत हो जैसे

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मुझे फूलों से प्यार है, तितलियों, रंगों, हरियाली और इन शॉर्ट उस सब से प्यार है जिसे हम प्रकृति कहते हैं।