Wednesday, November 18, 2009

रंगत सांवली-सी


जिन लोगों से मिलकर हमें अच्छा लगता है
समझो कि वैसी ही शख़्सियत हमें चाहिए
जिन जगहों पर जाना हमें अच्छा लगता है
समझो कि वैसी ही जगह हमें चाहिए
जिन गीतों को गाना हमें अच्छा लगता है
समझो कि वैसी ही जिंदगी हमें चाहिए
जिन रंगों को देखकर हमें अच्छा लगता है
समझो कि वैसी ही रंगत हमें चाहिए
जिन पर मिट जाना हमें अच्छा लगता है
समझो कि उनका बने रहना ही हमें चाहिए


1 comment:

  1. एक बार फिर से सोचकर देखो.....

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मेरा काव्य संग्रह

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मुझे फूलों से प्यार है, तितलियों, रंगों, हरियाली और इन शॉर्ट उस सब से प्यार है जिसे हम प्रकृति कहते हैं।