Monday, May 23, 2011

जीना मुहाल है


उफ् ये बंदिशें
ये ताने ये तंगियाँ
जीना मुहाल है
मुझे मयस्सर होगी
कब तुम
कब मिलेगी
तुम्हारे साथ तनहाइयाँ
जीना मुहाल है
तेरे गेसुओं की छाव
तेरी शोखियाँ
कब बजेगी शहनाइयाँ
जीना मुहाल है
अब मुश्किल है इंतजार
मुश्किल हर पल है
अब मुश्किल है जीना
जीना मुहाल है

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मेरा काव्य संग्रह

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मुझे फूलों से प्यार है, तितलियों, रंगों, हरियाली और इन शॉर्ट उस सब से प्यार है जिसे हम प्रकृति कहते हैं।