Saturday, July 3, 2010

अनायास


पहले कविताओं में
फिर कहानियों में
और अब मेरे
उपन्यासों में भी
तुम्हारा होना
अनिवार्य हो गया है
अनायास ही
आ जाती हो तुम
अपनी ही तरह

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मेरा काव्य संग्रह

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मुझे फूलों से प्यार है, तितलियों, रंगों, हरियाली और इन शॉर्ट उस सब से प्यार है जिसे हम प्रकृति कहते हैं।