Monday, January 11, 2010

शिकवा


वक्त की अगर बेवफाई ना होती

तो तुम आज हरजाई ना होते

कर लेते हम अरमानों को पूरा
स्वप्न जिंदगी का न रहता अधूरा

साथ होता सदा के लिए, और
फिर कभी ऐसी जुदाई न होती

जिंदगी में बाकी रहे ग़म और ग़म
वक्त ने हमें इतना सताया
वक्त ने जो दिया होता साथ अपना
तो दो दिलों की जुदाई न होती

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मेरा काव्य संग्रह

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मुझे फूलों से प्यार है, तितलियों, रंगों, हरियाली और इन शॉर्ट उस सब से प्यार है जिसे हम प्रकृति कहते हैं।