Sunday, December 27, 2009

गोवा आकर


न मछली पकड़ूँ
न फैनी, ताड़ी बनाऊँ
लिखूँ कविताएँ, कहानियाँ (शायद)
उपन्यास (निश्चित ही)
और महाकाव्य समुद्र पर
सीख लूँ बजाना
गिटार, मेंडोलिन,
तबला या ड्रम
जब भी मिले तनहाई
मन उदास (गर) हो
उसे बजाऊँ..
मैं जहाँ पैदा हुआ हूँ
वहाँ मरना नहीं चाहता...

1 comment:

  1. फिर कहाँ जाने का इरादा है.....?

    ReplyDelete

मेरा काव्य संग्रह

मेरा काव्य संग्रह

Blog Archive

There was an error in this gadget
Text selection Lock by Hindi Blog Tips

about me

My photo
मुझे फूलों से प्यार है, तितलियों, रंगों, हरियाली और इन शॉर्ट उस सब से प्यार है जिसे हम प्रकृति कहते हैं।