Saturday, October 24, 2009

24 जनवरी















कुछ तारीख़े
बन जाया करती है
कविता......

2 comments:

  1. ....और इतिहास? वो कब बनता है?

    ReplyDelete
  2. जब कविता बेचारी ख़ुद तारीख(इतिहास)बन जाती है.....

    ReplyDelete

मेरा काव्य संग्रह

मेरा काव्य संग्रह

Blog Archive

There was an error in this gadget
Text selection Lock by Hindi Blog Tips

about me

My photo
मुझे फूलों से प्यार है, तितलियों, रंगों, हरियाली और इन शॉर्ट उस सब से प्यार है जिसे हम प्रकृति कहते हैं।